राधे राधे
बाँके बिहारी जी मंदिर के बारे मैं लिख रहा था , वर्तमान मंदिर हरगुलाल बेरी वाला ने निर्माण करवाया था , जिनकी ओर से मंदिर मैं ढाकुरजी को आज भी भोग लगता है ,बाँके बिहारी मंदिर कि अपनी अलग पहचान है ,अनेकों रास्ट्रीय स्तर के नेता ,अभिनेता ,गणमान्य लोग यहाँ दर्शन हेतु आते हैं , कहा जाता है कि ठाकुरजी के सामने सच्चे मन से जो माँगा जाये वो मिलता है , गर्मी के दिनों मैं ठाकुरजी को ढंडक देने के लिए फूलों का बंगला बनया जाता है ,बहुत सुंदर दर्शन होते है , मंदिर मैं आज भी हाथ से खीचने वाले पंखे से हवा कि जाती है ,अन्दर गर्भ गृह मैं शुद्धता का पालन होता है ,
अगले बार अन्य मंदिर कि बात करेंगे
अपनी ओर से आप कुछ जानने के लिए आप मुझे मेल कर सकते हैं
Saturday, June 12, 2010
Monday, June 7, 2010
वृन्दाबन के बारे मैं
राधे राधे
वृन्दाबन के बारे मैं आप से बात करे के वादे के साथ एक बार फिर उपस्थित हूँ ।
वृन्दाबन के प्रमुख मंदिरों मैं श्री बाँके बिहारी जी का मंदिर जो वृन्दाबन कि पहचान है , स्वामी हरिदास के आराध्य ठाकुरजी का श्री विग्रह विद्या पीठ चोराहा के पास स्थित मंदिर मैं है , आज कल मंदिर के खुलने का समय सुबह ८ :०० बजे से १२ : ०० तक है शाम को ५:०० से ८:३० तक है , मंदिर मैं काले पत्थर से बनी , स्वामी हरिदास कि तपोस्थली श्री निधिवन जी से स्वम प्रकट विग्रह है, दर्शन करते समय एसा लगता है कि बिहारीजी हमारी ओरही देख रहे है ,
वृन्दाबन के बारे मैं आप से बात करे के वादे के साथ एक बार फिर उपस्थित हूँ ।
वृन्दाबन के प्रमुख मंदिरों मैं श्री बाँके बिहारी जी का मंदिर जो वृन्दाबन कि पहचान है , स्वामी हरिदास के आराध्य ठाकुरजी का श्री विग्रह विद्या पीठ चोराहा के पास स्थित मंदिर मैं है , आज कल मंदिर के खुलने का समय सुबह ८ :०० बजे से १२ : ०० तक है शाम को ५:०० से ८:३० तक है , मंदिर मैं काले पत्थर से बनी , स्वामी हरिदास कि तपोस्थली श्री निधिवन जी से स्वम प्रकट विग्रह है, दर्शन करते समय एसा लगता है कि बिहारीजी हमारी ओरही देख रहे है ,
Thursday, June 3, 2010
राधे राधे ,
बहुत दिनों बाद आप से बात कर रहा हूँ । वृन्दाबन , भगवान श्री कृष्ण की पावन क्रीडा स्थली है । यहाँ हर कण मैं इश्वर का निवास है , क्योंकि कृष्ण यहाँ नंगे पैर घूमा करते थे ।
हम आपको वृन्दाबन की यात्रा करवाना चाहते है, अगर आप ब्लॉग पर मुझे लगातार पड़ते रहे तो यहाँ , यदि आप वृन्दाबन आना चाहते है तो यहाँ भी आप को मुझ से सहायता मिलेगी ।
वृन्दाबन मैं ५५०० (पांच हजार पांच सो ) मंदिर है ,११०० मंदिर एसे है जहा पांच समय की आरती होती है , ठहरने के लिए अनेकों धर्मशाला है , अनेक गेस्ट हाउस है ,
मंदिरों की लिस्ट अगली मुलाकात मैं , उस के बाद धरम शाला की लिस्ट भी दूंगा
जय श्री राधे
बहुत दिनों बाद आप से बात कर रहा हूँ । वृन्दाबन , भगवान श्री कृष्ण की पावन क्रीडा स्थली है । यहाँ हर कण मैं इश्वर का निवास है , क्योंकि कृष्ण यहाँ नंगे पैर घूमा करते थे ।
हम आपको वृन्दाबन की यात्रा करवाना चाहते है, अगर आप ब्लॉग पर मुझे लगातार पड़ते रहे तो यहाँ , यदि आप वृन्दाबन आना चाहते है तो यहाँ भी आप को मुझ से सहायता मिलेगी ।
वृन्दाबन मैं ५५०० (पांच हजार पांच सो ) मंदिर है ,११०० मंदिर एसे है जहा पांच समय की आरती होती है , ठहरने के लिए अनेकों धर्मशाला है , अनेक गेस्ट हाउस है ,
मंदिरों की लिस्ट अगली मुलाकात मैं , उस के बाद धरम शाला की लिस्ट भी दूंगा
जय श्री राधे
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