ब्रज चौरासी कोस मंदिर दर्शन श्रंखला 54
मंदिर सवामन शालिग्राम (प्राचीन)
यह मंदिर सन् 1770 में बना हुआ है।रामानुज सम्प्रदाय का यह मंदिर रीवा रियासत के राजा रघुराजसिंह के वंशजों ने बनवाया।ऐसे शालिग्राम विश्वभर में नहीं हैं।रीवा स्टेट के राजा के यहाँ इनकी सेवा होती थी।नैपाल मुक्तिनाथ से कभी रीवा आए थे।ठाकुर प्रेरणा से वृन्दावन मंदिर निर्माण की आज्ञा हुई।श्याम सुंदर मंदिर के सामने लोईबाजार में दिव्य मंदिर का निर्माण हुआ।
प्रथम सेवायत जयराम दास के हाथ में थी सन् 1826 में बालमुकुंद, फिर जनार्दन दास उसके बाद हरिप्रपन्नाचार्य तथा इनकी स्थापना बंगलौर के किसी भक्त द्वारा सवामन सोना तुलादान करके की गयी।वर्तमान में श्री राम आचार्य के आधिपत्य में है।
मंदिर के नीचे लोई बाजार में चौदह दुकानें मंदिर की हैं।जिनसे ठाकुरजी के भोगराग का खर्चा चलता है।

No comments:
Post a Comment