श्री राधे
पिछले कई महीने से कुछ लिखा नहीं ,ऐसा निजी कारणों से रहा ,
पिछले हफ्ते बाबा रामदेव के अनशन पर केंद्र सरकार के कहर से दुःख पहुंचा , कि एक ऐसा आदमी जो किसी के साथ हिंसा कि बात नहीं कर रहा उस पर इस कदर डंडे का जोर दिखाना कहाँ कि बहादुरी है , ४ जून कि रात को हुए घटना क्रम को सही नहीं ठहराया जा सकता ,बाबा का तरीका गलत हो सकता है बार बात सही है ,जितना धन विदेश में काले धन के रूप में जमा है उसे वापस लाया जाये तो देश पर जितना क़र्ज़ है वो चुकाया जा सकता है ,समाजवादी पार्टी के हाल के आगरा मे हुए सम्मलेन मे सपा मुखिया ने भी इन बातों को उठाया था ,पर हाय री राजनीती ,मुलायम सिंह सरकार को समर्थन कर रहे हैं ,बाबा नेताओं को चोर , बेईमान कहते है इस लिए बाबा पर डंडे बरसाए ,निर्दोष जनता को पीटा,ओरतों,बच्चों पर भी अत्याचार किया यह गलत ,अन्याय है ,कांगरेश के महा सचिव दिग्विजय सिंह ओसामा को जी कह कर सम्भोदित करते है ,बाबा रामदेव को ठग कहते हैं , उन्हें शर्म आणि चाहिए ,में इस घटना कि निंदा करता हूँ ,आप सभी से प्राथना करता हूँ कि आप भी आपनी और से निंदा करें जिससे इन बेईमानों को लगे कि कितने लोग इन की करतूतों के विरोध में हैं

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