जय श्री राधे
अनेक दिनों से राजनीत की ,बहस मैं उलझ गया , जिस से मूल उद्देश्य से भटक गया ! पुनः अपनी बात पर आते है !
आज का मंदिर है श्री सेवा कुञ्ज , जहाँ भगवान श्री कृष्ण ने श्री राधा रानी की चरण सेवा की थी !जब महारास के बाद श्री राधा रानी जी थक गयी तो सेवा कुञ्ज की छावं मैं बैठ गयी , परन्तु उनके थकन नहीं गयी , सब लोग अपने घरों को जाने लगे , तो भगवान ने कहा कि आप भी चलो , र्धरानी ने कहा कि मैं बहुत थक गयी हूँ , अब नहीं चल सकती ,और इतना कह कर नेत्र बंद कर लिए , तो भगवान ने श्री राधा रानी के चरण दबाना प्रारंभ कर दिया , राधा जी इतनी थक गयी कि नेत्र खोल कर देखे बिना नींद मैं चली गयी , चरण दबाने से आराम मिला तो नीद और गहरी हो गयी , कृष्ण जी चरण दबाते रहे और भोर हो गयी ! अचानक राधा रानी कि नींद खुली ,चरण दबाते देख पूछ लिया , आप क्या कर रहे हो , आप थक गयी थी न इस लिए चरण दबा रहा हूँ
आज भी सेवा कुञ्ज मैं राधा के चरण सेवा के दर्शन हैं
लोग इस लीला को सुन कर असहज हो जाते हैं , उन्हें ज्ञान नहीं है कि राधा , प्रभु की परम शक्ति हैं , न कि साधारण स्त्री , इसे समझाने के लिए मेरे पास शब्द नहीं , गुरूदेव कि कृपा से फिर कभी समझाऊंगा
जय श्री राधे

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