Pages

Monday, March 10, 2014

जग होरी ब्रज होरा , ये कहावत हमारे ब्रज मैं खूबई कही जावे है। …… वाही होरा कि कछु झलकी देखो भइया 
उड़त गुलाल लाल भये बादर। ………………………………। 


























































मेरो खोये गयो बाजूबंध रसिया होली में. 
ऊधम तेने बड़ो ही मचायो 
लाद शरम जाने कहा धर आयो 
मैं तो तो ते आ गयी तंग रसिया होली में. 
अब ऊधम कर दे बंद रसिया होली में.
मेरो खोये गयो बाजूबंध रसिया होली में. 
नन्द गॉव के छोरा हैं.. 
बरसाने कि छोरी हैं..... 
हो हो हो हो होली हैं.

No comments:

Post a Comment