बरसाना की लठामार होली
फाग खेलन बरसाने आयो है, नटवर नंद
किशोर..घेर लई सब गली रंगीली, छाय रही है छटा छबीली
उड़त गुलाल लाल भये बादर।
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की टेर के बीच छबीली गली
में हुरियारिनों की प्रेम पगी लाठियां नंदगांव के हुरियारों पर बरसने
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