कल मोहिनी एकादशी थी, कहा जाता है कि मोहिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु ने सागर मंथन में निकले अमृत के लिए लड़ते हुए देवता और दैत्यों के बीच मोहिनी रूप धारण कर देवताओं को अमृत कलश से अमृत पिलाया था, भगवान का मोहिनी रूप इतना सुन्दर था कि भगवान शंकर जी भी उन पर मोहित हो गए थे
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