Pages

Tuesday, September 27, 2022

कुसुम सरोवर, गोवर्धन पर्वत, मथुरा

ब्रज चौरासी कोस मंदिर दर्शन श्रंखला 

#कुसुम_सरोवर

यह राधाकुंड से तीन किमी० दूर गोवर्धन परिक्रमा
मार्ग में स्थित है।यहाँ पर किशोरी जी फूलमाला बनाकर स्यामसुंदर को पहनाती हैं।कुंड का नव निर्माण सीढ़ियाँ सन् 1767 में भरतपुर के प्रतापी राजा जवाहर सिंह ने कराया।घाट के पश्चिम दिशा में सूरजमल की छतरी है।दाऊजी का मंदिर और उत्तर दिशा में सूरजमल की छतरी है।उत्तर पश्चिम कोण पर उद्धव जी की बैठक है,पास में नारदकुंड तथा पास में ग्वालियर के राजा का मंदिर बना है।

गोवर्धनाद्दूरेण वृन्दारण्ये सखी स्थले।
प्रवत्त: कुसुमाम्भोषो कृष्ण संकीर्तनोत्सव:।।
(भागवत १०/२/३०)

कुसुम सरोवर ही बज्रनाभ व उनकी माँ ऊषा ने श्री मद्भागवत कथा का श्रवण किया।जो शुकदेव मुनि ने सुनाई।जो उद्धव जी ने परीक्षित को आदेशित किया।


No comments:

Post a Comment