राधा रानी श्याम सुन्दर जी के पवन धाम में इन दिनों कार्तिक मास कि धूम है , कार्तिक मास में कई बड़ी बृज चौरासी कोस कि यात्रा चलती रहती है जो बृज के स्वरूप कि असली पहचान करवाती है , बृज देखना हो तो इन यात्राओं के साथ एक बार जरूर जाना चाहिए , असली बृज यहाँ के गाँव में वसता है , जो यहाँ कि संस्कृती को सहेजे हुए हैं , जैसे गोकुल , महावन बलदेव , नंदगाँव , बरसाना ,गहवर वन ,गोवर्धन , भांडीर वन , राधारानी मानसरोवर , पानीगांव ( भागवत में जिसका फणीगाँव के नाम से वर्णन है , जिसके अनुसार कालिया नाग यहीं रहता था ) आदि हैं जो बृज कि यात्रा के पड़ावों में से हैं ,राधा रानी के धाम में लक्ष्मी जी का एक प्राचीन मंदिर "बेलवन "के नाम से है जो यमुना के किनारे वृन्दाबन के दूसरी ओर स्थित है ,राधादामोदर मंदिर में कार्तिक मास में सबसे धूम रहती है क्योंकि इस मंदिर में अतिप्राचीन श्री गिरिराज जी की शिला विराजमान है ,जिस की ७ (सात) परिक्रमा करने मात्र से गोवर्धन जी की एक परिक्रमा का पुण्य फल प्राप्त होता हैं
Friday, November 19, 2010
Tuesday, November 9, 2010
Monday, November 1, 2010
राधे राधे
बहुत दिनों से लिखना छह कर भी नहीं लिख पा रहा था , आज अवसर मिला है /
आज अप को वृन्दाबन के बहुत प्राचीन गोविन्द देव जी के मंदिर के बारें मैं बता रहा हूँ , यह जयपुर के राजा मानसिंह ने बनवाया था , ७ मंजिलों वाला यह मंदिर लाल पत्थर का बना था , जिस के ४ मंज़िल मुग़ल बादशाह औरंगज़ेब ने गिरा दिए थे , ३ मंज़िलें के साथ आज भी यह वृन्दाबन का सबसे ऊंचा मंदिर है , आज कल इस की देख भाल की जिम्बेबारी पुरातत्व बिभाग की है , स्थानीय लोगों मैं यह मंदिर भूतों के मंदिर के नाम से प्रशिद्ध है क्योंकि एक किंवदंती है की प्राचीन कल मैं यह मंदिर एक रात मैं बन कर तेयार हुआ था , राजा मन सिंह ने बाद मैं केवल इस का जीर्णोद्धार करवा था
Wednesday, August 18, 2010
राधे राधे , कई दिनों से मन दुखी था सो किसानों का दर्द बांटने कि कोशिश करता रहा , मोल काम जिसका बीड़ा उठाया था कि आपको वृन्दाबन के बारे मैं जानकारी देता रहूँगा , मेंकुछ कुछ देर होरही है । मैं आप से किया वादा जरूर पूरा करूंगा , आज राधा रमण जी मंदिर के बारे मैं मैं आज जो जनता हूँ वह लिखता हूँ ,
राधा रमण जी का मंदिर गोपाल भट्ट गोस्वामी द्वारा स्थापित सालिग्राम जी का मंदिर है जो कालांतर मैं राधा रमण जी के नाम से विख्यात हुआ , श्री गोपाल भट्ट जी ने प्रथम बार सन १५४२ मैं वैसाख पूर्णिमा के दिन सालिग्राम जी का अभिषेक किया था , तभी से यह उत्सव यहाँ हर वर्ष मनाया जाता है ,जिस मैं १००० लीटर दूध से ,शहद ,घी ,दही आदि से अभिषेक किया जाता है । जन्माष्टमी पर वृन्दाबन का प्रमुख अभिषेक राधा रमण जी का ही होता है , वेसे वृन्दाबन मैं उत्सव , मेले वर्ष भर रहते हैं , राधा रमण जी का श्री विग्रह कुछ विशेष विग्रहों मैं से एक है , जिन्हें मूल विग्रह होने का गौरव प्राप्त है
श्री राधे ,
राधा रमण जी का मंदिर गोपाल भट्ट गोस्वामी द्वारा स्थापित सालिग्राम जी का मंदिर है जो कालांतर मैं राधा रमण जी के नाम से विख्यात हुआ , श्री गोपाल भट्ट जी ने प्रथम बार सन १५४२ मैं वैसाख पूर्णिमा के दिन सालिग्राम जी का अभिषेक किया था , तभी से यह उत्सव यहाँ हर वर्ष मनाया जाता है ,जिस मैं १००० लीटर दूध से ,शहद ,घी ,दही आदि से अभिषेक किया जाता है । जन्माष्टमी पर वृन्दाबन का प्रमुख अभिषेक राधा रमण जी का ही होता है , वेसे वृन्दाबन मैं उत्सव , मेले वर्ष भर रहते हैं , राधा रमण जी का श्री विग्रह कुछ विशेष विग्रहों मैं से एक है , जिन्हें मूल विग्रह होने का गौरव प्राप्त है
श्री राधे ,
Tuesday, August 17, 2010
आज़ादी कैसी जो किसानो को गोली दे ,लाठी दे
राधे राधे , आज़ादी के दिन मथुरा ,अली गढ़ ,आगरा के किसानो पर जो मायावती सर्कार का कहर टूटा है उससे धार्मिक विषय पर लिखने वाला मेरे जैसा व्यक्ति दुखी हो कर राजनीत के घ्रणित विषय पर लिख रहा है ,दिल्ली मैं बेठी गूंगी बहरी सरकार को इस मैं कोई बुराईनहीं नजर नहीं आती , हो हल्ला मचने वाले दल अपना चेहरा आईने मै देखें ,जब वो सत्ता मैं थे तब भी ऐसे हादसे हुए हैं । देश मैं अनेकों बार इस प्रकार कि घटना हो चुकी है चाहे वो सिंगूर हो ,दादरी हो या कही और , फिर भी कितने सालों से भूमि अदिग्रहण का कानून संसद मैं धुल के गुबारों मैं दबकर रह गया , उसकी यद् राजनेतिक दलों को तब आती हैं जब कोई इस प्रकार कि घटना होती है ,जिसे घटना कि भांति ही कुछ दिनों मैं भुला दिया जायेगा ,पर किसानों की किसीको चिंता नहीं है ।
Saturday, August 14, 2010
आज़ादी कि वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर
जय हिंद
एक भारतीय होने का गर्व है मुझे , हर भारतीय को होना चाहिए ,परन्तु कितने लोग गर्व करते है ।
अधिकतर लोग स्कूल ,कॉलेज , सरकारी कार्यालयों , थानों ,आदि मैं ही रास्ट्रीय झंडा फहरने का दिन मानकर कर चलते है , कही कार्यक्रम हो रहा हो तो हिलते डुलते रहते है, उन्हें लगता है की यह जिम्बेबारी केबल उन की है जो कार्यं कर या करवा रहे है , हमारे शहर वृन्दाबन मैं नगरपालिका के द्वार पर ध्वज फहराया जाता है ,वहा से गुजरने वाले लोग हँसतेहुए मजाक की तरह या तो निकलते चले जाते है या रास्ट्रीय गन होने पर भी या तो बात करते रहते या अपने काममैं व्यस्त रहते हैं । ऐसाहर शहर मैं होता है , लोगों को लगता है की स्कूल के बच्चे ,टीचर ,एन सी सी केडिट या पुलिसवालों को ही झंडे को सलामी देनी चाहिए और उन्हें ही रास्ट्रीय गानके समय सावधान होना चाहिए , इस सोच को बदलो मेरे भाइयो ,रास्ट्रीय ध्वज को सलामी ,रास्ट्रीय गान को सम्मान देना,यह हम सभी का कर्त्तव्य है , कल १५ अगस्त है , हमें अपनी आदत मैं सुधारकरना चाहिए
एक भारतीय होने का गर्व है मुझे , हर भारतीय को होना चाहिए ,परन्तु कितने लोग गर्व करते है ।
अधिकतर लोग स्कूल ,कॉलेज , सरकारी कार्यालयों , थानों ,आदि मैं ही रास्ट्रीय झंडा फहरने का दिन मानकर कर चलते है , कही कार्यक्रम हो रहा हो तो हिलते डुलते रहते है, उन्हें लगता है की यह जिम्बेबारी केबल उन की है जो कार्यं कर या करवा रहे है , हमारे शहर वृन्दाबन मैं नगरपालिका के द्वार पर ध्वज फहराया जाता है ,वहा से गुजरने वाले लोग हँसतेहुए मजाक की तरह या तो निकलते चले जाते है या रास्ट्रीय गन होने पर भी या तो बात करते रहते या अपने काममैं व्यस्त रहते हैं । ऐसाहर शहर मैं होता है , लोगों को लगता है की स्कूल के बच्चे ,टीचर ,एन सी सी केडिट या पुलिसवालों को ही झंडे को सलामी देनी चाहिए और उन्हें ही रास्ट्रीय गानके समय सावधान होना चाहिए , इस सोच को बदलो मेरे भाइयो ,रास्ट्रीय ध्वज को सलामी ,रास्ट्रीय गान को सम्मान देना,यह हम सभी का कर्त्तव्य है , कल १५ अगस्त है , हमें अपनी आदत मैं सुधारकरना चाहिए
Thursday, August 12, 2010
हरियाली तीज
राधे राधे
आज हरियाली तीज है , आज से वृन्दाबन मैं ठाकुरजी को झूलों मैं झुलाया जाता है , तीज से रक्षाबंधन तक वृन्दाबन मैं आज के दिन बाँकेबिहारी जी को सोने के रत्नों से जडित हिंडोले मैं झुलाया जाता है , यह झूला साल मैं केवल हरियाली तीज के दिन ही निकला जाता हैं, लाखों लोग इस अवसर पर वृन्दाबन मैं आते हैं ,इस साल प्रशासन ने १० लाख लोगो के आने का अनुमान लगाया है ,
आज हरियाली तीज है , आज से वृन्दाबन मैं ठाकुरजी को झूलों मैं झुलाया जाता है , तीज से रक्षाबंधन तक वृन्दाबन मैं आज के दिन बाँकेबिहारी जी को सोने के रत्नों से जडित हिंडोले मैं झुलाया जाता है , यह झूला साल मैं केवल हरियाली तीज के दिन ही निकला जाता हैं, लाखों लोग इस अवसर पर वृन्दाबन मैं आते हैं ,इस साल प्रशासन ने १० लाख लोगो के आने का अनुमान लगाया है ,
Saturday, July 17, 2010
राधा वल्लभ जी का मंदिर
राधे राधे
बहुत दिनों बाद आप से बात हो रही है , आज श्री राधा वल्लभ जी मंदिर के बारे मैं बात करेंगे , राधा वल्लभ मंदिर, बाँके बिहारी जी मंदिर के पास है , श्री हित हरिवंश संप्रदाय का यह मंदिर बहुत ही प्रसिद्ध है
आगे बाद मैं लिखूंगा
बहुत दिनों बाद आप से बात हो रही है , आज श्री राधा वल्लभ जी मंदिर के बारे मैं बात करेंगे , राधा वल्लभ मंदिर, बाँके बिहारी जी मंदिर के पास है , श्री हित हरिवंश संप्रदाय का यह मंदिर बहुत ही प्रसिद्ध है
आगे बाद मैं लिखूंगा
Saturday, June 12, 2010
बाँके बिहारी जी
राधे राधे
बाँके बिहारी जी मंदिर के बारे मैं लिख रहा था , वर्तमान मंदिर हरगुलाल बेरी वाला ने निर्माण करवाया था , जिनकी ओर से मंदिर मैं ढाकुरजी को आज भी भोग लगता है ,बाँके बिहारी मंदिर कि अपनी अलग पहचान है ,अनेकों रास्ट्रीय स्तर के नेता ,अभिनेता ,गणमान्य लोग यहाँ दर्शन हेतु आते हैं , कहा जाता है कि ठाकुरजी के सामने सच्चे मन से जो माँगा जाये वो मिलता है , गर्मी के दिनों मैं ठाकुरजी को ढंडक देने के लिए फूलों का बंगला बनया जाता है ,बहुत सुंदर दर्शन होते है , मंदिर मैं आज भी हाथ से खीचने वाले पंखे से हवा कि जाती है ,अन्दर गर्भ गृह मैं शुद्धता का पालन होता है ,
अगले बार अन्य मंदिर कि बात करेंगे
अपनी ओर से आप कुछ जानने के लिए आप मुझे मेल कर सकते हैं
बाँके बिहारी जी मंदिर के बारे मैं लिख रहा था , वर्तमान मंदिर हरगुलाल बेरी वाला ने निर्माण करवाया था , जिनकी ओर से मंदिर मैं ढाकुरजी को आज भी भोग लगता है ,बाँके बिहारी मंदिर कि अपनी अलग पहचान है ,अनेकों रास्ट्रीय स्तर के नेता ,अभिनेता ,गणमान्य लोग यहाँ दर्शन हेतु आते हैं , कहा जाता है कि ठाकुरजी के सामने सच्चे मन से जो माँगा जाये वो मिलता है , गर्मी के दिनों मैं ठाकुरजी को ढंडक देने के लिए फूलों का बंगला बनया जाता है ,बहुत सुंदर दर्शन होते है , मंदिर मैं आज भी हाथ से खीचने वाले पंखे से हवा कि जाती है ,अन्दर गर्भ गृह मैं शुद्धता का पालन होता है ,
अगले बार अन्य मंदिर कि बात करेंगे
अपनी ओर से आप कुछ जानने के लिए आप मुझे मेल कर सकते हैं
Monday, June 7, 2010
वृन्दाबन के बारे मैं
राधे राधे
वृन्दाबन के बारे मैं आप से बात करे के वादे के साथ एक बार फिर उपस्थित हूँ ।
वृन्दाबन के प्रमुख मंदिरों मैं श्री बाँके बिहारी जी का मंदिर जो वृन्दाबन कि पहचान है , स्वामी हरिदास के आराध्य ठाकुरजी का श्री विग्रह विद्या पीठ चोराहा के पास स्थित मंदिर मैं है , आज कल मंदिर के खुलने का समय सुबह ८ :०० बजे से १२ : ०० तक है शाम को ५:०० से ८:३० तक है , मंदिर मैं काले पत्थर से बनी , स्वामी हरिदास कि तपोस्थली श्री निधिवन जी से स्वम प्रकट विग्रह है, दर्शन करते समय एसा लगता है कि बिहारीजी हमारी ओरही देख रहे है ,
वृन्दाबन के बारे मैं आप से बात करे के वादे के साथ एक बार फिर उपस्थित हूँ ।
वृन्दाबन के प्रमुख मंदिरों मैं श्री बाँके बिहारी जी का मंदिर जो वृन्दाबन कि पहचान है , स्वामी हरिदास के आराध्य ठाकुरजी का श्री विग्रह विद्या पीठ चोराहा के पास स्थित मंदिर मैं है , आज कल मंदिर के खुलने का समय सुबह ८ :०० बजे से १२ : ०० तक है शाम को ५:०० से ८:३० तक है , मंदिर मैं काले पत्थर से बनी , स्वामी हरिदास कि तपोस्थली श्री निधिवन जी से स्वम प्रकट विग्रह है, दर्शन करते समय एसा लगता है कि बिहारीजी हमारी ओरही देख रहे है ,
Thursday, June 3, 2010
राधे राधे ,
बहुत दिनों बाद आप से बात कर रहा हूँ । वृन्दाबन , भगवान श्री कृष्ण की पावन क्रीडा स्थली है । यहाँ हर कण मैं इश्वर का निवास है , क्योंकि कृष्ण यहाँ नंगे पैर घूमा करते थे ।
हम आपको वृन्दाबन की यात्रा करवाना चाहते है, अगर आप ब्लॉग पर मुझे लगातार पड़ते रहे तो यहाँ , यदि आप वृन्दाबन आना चाहते है तो यहाँ भी आप को मुझ से सहायता मिलेगी ।
वृन्दाबन मैं ५५०० (पांच हजार पांच सो ) मंदिर है ,११०० मंदिर एसे है जहा पांच समय की आरती होती है , ठहरने के लिए अनेकों धर्मशाला है , अनेक गेस्ट हाउस है ,
मंदिरों की लिस्ट अगली मुलाकात मैं , उस के बाद धरम शाला की लिस्ट भी दूंगा
जय श्री राधे
बहुत दिनों बाद आप से बात कर रहा हूँ । वृन्दाबन , भगवान श्री कृष्ण की पावन क्रीडा स्थली है । यहाँ हर कण मैं इश्वर का निवास है , क्योंकि कृष्ण यहाँ नंगे पैर घूमा करते थे ।
हम आपको वृन्दाबन की यात्रा करवाना चाहते है, अगर आप ब्लॉग पर मुझे लगातार पड़ते रहे तो यहाँ , यदि आप वृन्दाबन आना चाहते है तो यहाँ भी आप को मुझ से सहायता मिलेगी ।
वृन्दाबन मैं ५५०० (पांच हजार पांच सो ) मंदिर है ,११०० मंदिर एसे है जहा पांच समय की आरती होती है , ठहरने के लिए अनेकों धर्मशाला है , अनेक गेस्ट हाउस है ,
मंदिरों की लिस्ट अगली मुलाकात मैं , उस के बाद धरम शाला की लिस्ट भी दूंगा
जय श्री राधे
Monday, May 24, 2010
वृन्दाबन के बारे main
राधे राधे ,
वृन्दाबन एक एसा धाम है जो चारो धाम से अलग हट कर है । यहाँ भगवन श्री कृष्ण ने नागे पैरो से घूम कर इस धाम की मिटटी को पवित्र कर दिया है । तभी कहा जाता है कि " बृज रज उडी मस्तक लगे तो मुक्ति मुक्त है जाये "
वृन्दाबन एक एसा धाम है जो चारो धाम से अलग हट कर है । यहाँ भगवन श्री कृष्ण ने नागे पैरो से घूम कर इस धाम की मिटटी को पवित्र कर दिया है । तभी कहा जाता है कि " बृज रज उडी मस्तक लगे तो मुक्ति मुक्त है जाये "
Saturday, May 22, 2010
vrindabandham

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From Delhi to Vrindaban 100 Km on the way To Agra
Its A Religesh Place.
Most of puple Worshping Lord Krishan & Radha Rani
Hair Is All most 5000 Temple
200 Asrams
5 kose (7.5 Km) Parikrama
3 Side Sarounded By Holy River YAMUNA
Mathura Is A Dist. Hq. of Uttar Pradesh Its A Parte Of Northen India.
We Provide You All Assistence To Stay, Visite ,Side Seen, Prayer, maditation Etc.
If You Looking Forwerd To our Help We Will Very Happy To Do Your Seva
We Will Provide You Farther Information On Your Dimand
वृन्दाबन आध्यामिक और धार्मिक नगरी है
यहाँ लगभग ५००० मंदिर और २०० आश्रम है
यह दिल्ही आगरा राज मार्ग पर है
डेल्ही से १०० किलोमीटर दूर है
मथुरा इसका जिला मुख्यालय है
यह उत्तर प्रदेश , उत्तरी भारत का हिस्सा है
हमें आपको यहाँ आने ,रहने ,दर्शन करने ,पूजा करने ,आदि कार्यों मैं सहायता करने मैं अति प्रशन्नता होगी ।
हम आप को आपकी आवश्यकता अनुसार जानकारी दें , इस मैं हमें खुशी होगी
फ़ोन नम्बर - ९९२७०६४१२३,०५६५-२४४२०२७
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