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Wednesday, August 18, 2010

राधे राधे , कई दिनों से मन दुखी था सो किसानों का दर्द बांटने कि कोशिश करता रहा , मोल काम जिसका बीड़ा उठाया था कि आपको वृन्दाबन के बारे मैं जानकारी देता रहूँगा , मेंकुछ कुछ देर होरही है । मैं आप से किया वादा जरूर पूरा करूंगा , आज राधा रमण जी मंदिर के बारे मैं मैं आज जो जनता हूँ वह लिखता हूँ ,
राधा रमण जी का मंदिर गोपाल भट्ट गोस्वामी द्वारा स्थापित सालिग्राम जी का मंदिर है जो कालांतर मैं राधा रमण जी के नाम से विख्यात हुआ , श्री गोपाल भट्ट जी ने प्रथम बार सन १५४२ मैं वैसाख पूर्णिमा के दिन सालिग्राम जी का अभिषेक किया था , तभी से यह उत्सव यहाँ हर वर्ष मनाया जाता है ,जिस मैं १००० लीटर दूध से ,शहद ,घी ,दही आदि से अभिषेक किया जाता है । जन्माष्टमी पर वृन्दाबन का प्रमुख अभिषेक राधा रमण जी का ही होता है , वेसे वृन्दाबन मैं उत्सव , मेले वर्ष भर रहते हैं , राधा रमण जी का श्री विग्रह कुछ विशेष विग्रहों मैं से एक है , जिन्हें मूल विग्रह होने का गौरव प्राप्त है
श्री राधे ,

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