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Saturday, August 14, 2010

आज़ादी कि वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर

जय हिंद
एक भारतीय होने का गर्व है मुझे , हर भारतीय को होना चाहिए ,परन्तु कितने लोग गर्व करते है ।
अधिकतर लोग स्कूल ,कॉलेज , सरकारी कार्यालयों , थानों ,आदि मैं ही रास्ट्रीय झंडा फहरने का दिन मानकर कर चलते है , कही कार्यक्रम हो रहा हो तो हिलते डुलते रहते है, उन्हें लगता है की यह जिम्बेबारी केबल उन की है जो कार्यं कर या करवा रहे है , हमारे शहर वृन्दाबन मैं नगरपालिका के द्वार पर ध्वज फहराया जाता है ,वहा से गुजरने वाले लोग हँसतेहुए मजाक की तरह या तो निकलते चले जाते है या रास्ट्रीय गन होने पर भी या तो बात करते रहते या अपने काममैं व्यस्त रहते हैं । ऐसाहर शहर मैं होता है , लोगों को लगता है की स्कूल के बच्चे ,टीचर ,एन सी सी केडिट या पुलिसवालों को ही झंडे को सलामी देनी चाहिए और उन्हें ही रास्ट्रीय गानके समय सावधान होना चाहिए , इस सोच को बदलो मेरे भाइयो ,रास्ट्रीय ध्वज को सलामी ,रास्ट्रीय गान को सम्मान देना,यह हम सभी का कर्त्तव्य है , कल १५ अगस्त है , हमें अपनी आदत मैं सुधारकरना चाहिए

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